Demat 2.0 के तहत कॉरपोरेट बॉन्ड का पहला पायलट चरण पूरा हो गया है। सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने 10 सितंबर को मुंबई के ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में इसकी जानकारी दी। उनके मुताबिक, पहले चरण में तीन जारीकर्ताओं ने हिस्सा लिया और अब अगले चरण में सेकेंडरी मार्केट की खरीद-बिक्री को शामिल किया जाएगा।
इस पहल में बॉन्ड के रिकॉर्ड और भुगतान को जोड़ने के लिए डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर तकनीक तथा RBI की डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल हो रहा है। पायलट की प्रगति का मतलब यह नहीं है कि शेयर बाजार के सभी लेनदेन आज से नई व्यवस्था में चले गए हैं। अभी खबर का दायरा कॉरपोरेट बॉन्ड और उसके परीक्षण का है।
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Demat 2.0 में क्या बदल रहा है?
पांडेय ने स्पष्ट किया कि यह नई एसेट क्लास बनाने की पहल नहीं है। कॉरपोरेट बॉन्ड वही रहेंगे, लेकिन उनके संचालन में नई तकनीक इस्तेमाल होगी। डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर को आसान भाषा में ऐसा साझा डिजिटल बहीखाता समझ सकते हैं, जिसके जरिए संबंधित पक्षों के बीच लेनदेन के रिकॉर्ड का मिलान किया जाता है।
इसलिए किसी बॉन्ड पर लगा नया तकनीकी नाम अपने आप उसके ब्याज, जारीकर्ता की वित्तीय स्थिति या भुगतान क्षमता को नहीं बदल देता। बॉन्ड खरीदना अब भी उस कंपनी या संस्था को कर्ज देने से जुड़ा निवेश है। तकनीक को निवेश के मूल्यांकन का विकल्प मानना सही नहीं होगा।
पैसा और बॉन्ड एक साथ कैसे जाएंगे?
नई प्रक्रिया में बॉन्ड की डिलीवरी और रकम का भुगतान साथ पूरा करने पर जोर है। इसे एटॉमिक सेटलमेंट कहा जाता है। उदाहरण के तौर पर, केवल पैसा पहुंच जाए और बॉन्ड का हस्तांतरण बाकी रह जाए—इस तरह की अधूरी स्थिति से बचाने के लिए दोनों हिस्से आपस में जुड़े रहते हैं। दोनों पूरे हों, तभी सौदा निपटे।
भुगतान वाले हिस्से में RBI की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी डिजिटल रुपये की भूमिका है। इसका उद्देश्य सेटलमेंट के बीच का अंतर घटाना है। इसे बॉन्ड से जुड़े हर वित्तीय जोखिम के खत्म होने या रिटर्न की गारंटी के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।
क्या नया डीमैट खाता खोलना होगा?
सेबी प्रमुख के अनुसार मौजूदा डिपॉजिटरी व्यवस्था, ढांचा और डीमैट खाते का उपयोग जारी रहेगा। इस तकनीकी बदलाव के लिए निवेशकों को अलग नया खाता खोलने की जरूरत नहीं बताई गई है। कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार पर लागू नियामकीय व्यवस्था भी बनी रहेगी।
अब सेकेंडरी ट्रेडिंग का चरण
अगला कदम पहले से जारी बॉन्ड की निवेशकों के बीच खरीद-बिक्री को इस तकनीक पर लाना है। पहले चरण की सफलता और पूरे बाजार में व्यापक उपलब्धता अलग पड़ाव हैं। आगे के विस्तार की तारीख और प्रक्रिया संबंधित आधिकारिक घोषणाओं से स्पष्ट होगी।
इसी कार्यक्रम में सामने आए शेयर बाजार के अलग विषय पर CAS और डेरिवेटिव्स सेटलमेंट की समीक्षा की खबर भी पढ़ सकते हैं।



