पूरा भारत · हिन्दी
▤   पूरा भारतदेश की आवाज़पूरी तस्वीरराष्ट्रीय संस्करण
⌖ पूरा भारत

मनीला में भारत–आसियान व्यापार समझौते की समीक्षा पर चर्चा, व्यापार 128.38 अरब डॉलर

व्यापार वार्ता की मेज और बंदरगाह का सांकेतिक चित्र
सांकेतिक चित्र

भारत ने मनीला में आसियान के साथ आर्थिक वार्ता में वस्तु व्यापार समझौते की चल रही समीक्षा और व्यापार असंतुलन दूर करने पर जोर दिया है। वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 23वें आसियान–भारत आर्थिक मंत्री परामर्श और 14वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन की आर्थिक मंत्रियों की बैठक में भाग लिया।

24 सितंबर को जारी वाणिज्य मंत्रालय के विवरण के अनुसार, वर्ष 2025–26 में भारत और आसियान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। भारत के कुल वैश्विक व्यापार में आसियान की हिस्सेदारी 10.55 प्रतिशत थी।

AITIGA की समीक्षा में संतुलित व्यापार पर जोर

परामर्श में आसियान–भारत वस्तु व्यापार समझौते यानी AITIGA की समीक्षा प्रमुख विषय रही। भारत ने कहा कि समझौता दोनों पक्षों के लिए लाभकारी, कारोबारियों के उपयोग में आसान और व्यापार को सुगम बनाने वाला होना चाहिए। समीक्षा का उद्देश्य व्यापार प्रवाह बढ़ाना और मौजूदा असंतुलन को दूर करना है।

मंत्रालय के विवरण में समीक्षा पूरी होने या किसी नए समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा नहीं की गई है। वार्ता जारी रहने की स्थिति बताई गई है।

ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर भी बातचीत

बैठकों में आसियान के सभी 11 देशों के आर्थिक मंत्री या प्रतिनिधि तथा भारत सहित पूर्वी एशिया के अन्य साझेदार शामिल हुए। क्षेत्रीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार तथा निवेश के रुझानों पर विचार साझा किए गए। आसियान सचिवालय ने 2027 के आर्थिक परिदृश्य पर प्रस्तुति दी।

ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से जुड़े शोध पर भी चर्चा हुई। इसमें ऊर्जा ढाँचे, डिजिटल और औद्योगिक माँग तथा व्यापार व निवेश नीतियों के बीच तालमेल का विषय रखा गया।

प्रतिनिधिमंडल ने 22 सितंबर को फिलीपींस में कार्यरत भारतीय व्यवसायों से वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात की समस्याओं पर बातचीत की। इसके अगले दिन, 23 सितंबर को उसने आसियान–भारत व्यावसायिक मंच 2026 में भी हिस्सा लिया।