भारत और लैटिन अमेरिका तथा कैरेबियाई देशों के समुदाय CELAC के बीच व्यापार 2025–26 में 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया। न्यूयॉर्क में 22 सितंबर को हुई विदेश मंत्रियों की बैठक में इस उपलब्धि के साथ व्यापार और विकास सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के 23 सितंबर को जारी विवरण के अनुसार दोनों पक्ष संबंधों की समय-समय पर समीक्षा के लिए संस्थागत व्यवस्था बनाने पर काम करने को सहमत हुए हैं।
33 में से 30 सदस्य देशों की भागीदारी
बैठक में CELAC के 33 में से 30 देशों ने भाग लिया। प्रतिनिधित्व में 16 विदेश मंत्री और पाँच उपमंत्री स्तर के अधिकारी शामिल थे। यह संवाद संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अवसर पर आयोजित हुआ।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेतकिन ने भारत–CELAC विस्तारित ट्रोइका बैठक की संयुक्त अध्यक्षता की। सेंट लूसिया के विदेश मंत्री अल्वा बैपटिस्ट ने भी ट्रोइका में अपनी भूमिका का विवरण रखा।
व्यापार से आगे किन क्षेत्रों पर जोर
भारत ने जलवायु कार्रवाई, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल बदलाव, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। बुनियादी ढाँचा, अंतरिक्ष, कृषि, मानवीय सहायता व आपदा राहत तथा क्षमता निर्माण भी संभावित सहयोग के क्षेत्रों में रहे।
राजनीतिक संवाद, आर्थिक भागीदारी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर दोनों पक्षों ने जोर दिया। वैश्विक चुनौतियों के समाधान में बहुपक्षीय सहयोग की भूमिका पर भी विचार हुआ।
समीक्षा व्यवस्था पर काम होगा
नियमित समीक्षा की संस्थागत व्यवस्था पर अभी काम करने की सहमति बनी है; इसे स्थापित हो चुकी नई संस्था या लागू समझौते के रूप में नहीं बताया गया है। इसी तरह 50 अरब डॉलर का आँकड़ा 2025–26 के व्यापार का है, किसी नए निवेश पैकेज का नहीं।
बैठक में CELAC सदस्यों ने 2025 और 2026 के भूकंपों के बाद जमैका, वेनेजुएला और कोलंबिया को भारत की त्वरित मानवीय सहायता की सराहना भी की।



