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जीवन बीमा और फंड प्रबंधन में उतरने की तैयारी में इंडियन बैंक, पहले बोर्ड से मंजूरी लेगा

बैंक भवन, बीमा और निवेश योजना का प्रतीकात्मक दृश्य

नई दिल्ली, 13 सितंबर 2026: सार्वजनिक क्षेत्र का इंडियन बैंक जीवन बीमा और परिसंपत्ति प्रबंधन के कारोबार में प्रवेश की तैयारी कर रहा है। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिनोद कुमार ने कहा है कि प्रस्तावित सहायक कंपनियों या संयुक्त उद्यमों के लिए पहले निदेशक मंडल की मंजूरी ली जाएगी। उसके बाद संभावित साझेदार के चयन और नियामकीय प्रक्रियाओं पर काम आगे बढ़ेगा। फिलहाल इन नए कारोबारों को मंजूरी मिल चुकी है, ऐसा नहीं है।

साझेदार चुनने पर रहेगा जोर

कुमार के अनुसार, जीवन बीमा और एसेट मैनेजमेंट में जाने की योजना तय दिशा में बढ़ रही है, लेकिन सही साझेदार मिलना अहम होगा। उन्होंने संकेत दिया कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक साल या उससे अधिक समय लग सकता है। यह समय-सीमा अनुमान है; कारोबार शुरू होने की घोषित तारीख नहीं। बोर्ड और नियामकों की स्वीकृति से पहले किसी संयुक्त उद्यम की अंतिम संरचना भी तय नहीं मानी जा सकती।

जीवन बीमा में प्रवेश से बैंक ग्राहकों को दी जाने वाली वित्तीय सेवाओं का दायरा बढ़ा सकता है। एसेट मैनेजमेंट का प्रस्ताव निवेश उत्पादों के क्षेत्र में कदम होगा। मगर इन संभावनाओं को अभी बैंक की मौजूदा आय या भविष्य के मुनाफे के पक्के अनुमान के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।

सामान्य बीमा में पहले से हिस्सेदारी

बैंक सामान्य बीमा कंपनी यूनिवर्सल सॉम्पो में 28.52 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। बैंक के प्रकाशित वित्तीय दस्तावेज़ों में इस संयुक्त उद्यम का हिस्सा दर्ज है। सामान्य बीमा में हिस्सेदारी और प्रस्तावित जीवन बीमा कारोबार अलग हैं; मौजूदा निवेश से जीवन बीमा उद्यम को अपने आप स्वीकृति नहीं मिलती।

विदेशी विस्तार की अलग योजना

बिनोद कुमार ने दुबई में प्रतिनिधि कार्यालय खोलने की योजना भी बताई। इस कार्यालय के लिए बैंक के बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अन्य आवश्यक नियामकीय मंजूरियाँ अभी ली जा रही हैं। मलेशिया और इंडोनेशिया में मौजूदगी की संभावना भी बैंक देख रहा है; वहाँ नई शाखा या कार्यालय खोलने का अंतिम निर्णय घोषित नहीं हुआ है।

निवेशकों और ग्राहकों के लिए अगला ठोस संकेत बोर्ड की औपचारिक स्वीकृति, साझेदार की घोषणा और संबंधित नियामकों के फैसले होंगे। इन्हीं कदमों के बाद प्रस्तावित बीमा तथा फंड प्रबंधन कारोबार का वास्तविक स्वरूप साफ होगा।